कोच्चि का केरल लोककथा संग्रहालय थेवरा में स्थित वास्तुकला, नृवंशविज्ञान और मानवविज्ञान का संग्रहालय है, जहां पारंपरिक कला, संस्कृति और विरासत पर खास ध्यान दिया गया है। यहां के संग्रह में वेशभूषा और लोककला से लेकर मूर्तियां और रोजमर्रा की चीजें शामिल हैं। ये सभी लकड़ी, लैटेराइट पत्थर और मिट्टी की खपरैल से बनी इमारत में रखी गई हैं।
- स्थान: फोकलोर जंक्शन, थेवरा, कोच्चि।
- होटल से दूरी: व्यट्टिला के पास तीन-सितारा होटल से लगभग 5.1 किमी।
- प्रकाशित खुलने का समय: रोज़ खुला रहता है
- प्रकाशित प्रवेश शुल्क: भारतीय पर्यटकों के लिए ₹100 और विदेशी पर्यटकों के लिए ₹200; कैमरे के लिए ₹100 अतिरिक्त। मौजूदा शुल्क की पुष्टि कर लें।
केरल लोककथा संग्रहालय में क्या देखने को मिलता है?

केरल लोककथा संग्रहालय में रोजमर्रा के जीवन और विरासत से जुड़ी पारंपरिक कला, सांस्कृतिक वस्तुएं और कलाकृतियां प्रदर्शित हैं। यहां पिछले 1,000 वर्षों के आम लोगों के जीवन और संस्कृति की झलक मिलती है।
संग्रह में मोहिनीयाट्टम और थेय्यम से जुड़ी वेशभूषा के साथ पत्थर, लकड़ी और कांसे की मूर्तियां, टेराकोटा की वस्तुएं, आभूषण, चित्रकारी, तेल के दीये, वाद्ययंत्र, मुखौटे, बर्तन और लोककला शामिल हैं। पुरानी वस्तुओं के अलावा, पुराने लेखन उपकरण और कुर्सियां भी यहां देखी जा सकती हैं। संग्रहालय में 6,000 से अधिक कलाकृतियां हैं, जिनमें से लगभग 4,000 प्रदर्शित हैं।
इमारत की वास्तुकला भी यहां की यात्रा का अहम हिस्सा है: इसे लकड़ी, लैटेराइट पत्थर और मिट्टी की खपरैल से बनाया गया है। संग्रहालय में Face Art Gallery और Folklore Theatre भी हैं, जहां पारंपरिक कला के प्रदर्शन और सांस्कृतिक गतिविधियां होती हैं। इसके अलावा, यहां Spice Art Café, रसोई-संग्रहालय की प्रदर्शनी और पुरानी वस्तुएं, हस्तशिल्प, हाथ से बने कपड़े और आभूषण बेचने वाली दुकानें भी हैं।
कोच्चि में संग्रहालय कहां है?

संग्रहालय थेवरा, फोकलोर जंक्शन, थेवरा, कोचीन, केरल, भारत में है। Museum of India की निर्देशिका में इसका अधिक विस्तृत पता पंडित करुप्पन रोड, थेवरा फेरी जंक्शन के पास, कोच्चि 682013 दिया गया है।
हिल पैलेस संग्रहालय कोच्चि का एक और संग्रहालय है। अगर आप कई संग्रहालयों की सैर की योजना बना रहे हैं, तो व्यट्टिला पर केंद्रित इसकी दर्शक गाइड भी देख सकते हैं।
यात्रा के लिए कितना समय रखें?

Museum of India की निर्देशिका के अनुसार, संग्रहालय देखने के लिए लगभग 1–2 घंटे रखें। इससे आप जल्दबाजी में आए-जाए बिना संग्रह और वास्तुकला की बारीकियां देख सकेंगे। तीन मंजिला इमारत में मालाबार, कोचीन और त्रावणकोर की वास्तुशैलियों का मेल है।
जानकारी के लिए +91 484 266 5452 या +91 944 607 6499 पर कॉल करें। अगर आप कोच्चि में आने-जाने की व्यवस्था कर रहे हैं, तो व्यट्टिला से सार्वजनिक परिवहन की गाइड में उस इलाके से आगे जाने की जानकारी है।
समय, टिकट और दर्शकों के लिए नियम क्या हैं?

Museum of India की निर्देशिका के मुताबिक, संग्रहालय सार्वजनिक छुट्टियों समेत हर दिन 09:30 a.m. से 06:00 p.m. तक खुला रहता है। प्रवेश शुल्क भारतीय पर्यटकों के लिए ₹100 और विदेशी पर्यटकों के लिए ₹200 है; कैमरे के लिए ₹100 अतिरिक्त शुल्क है। संग्रहालय की आधिकारिक वेबसाइट पर इन जानकारियों की पुष्टि नहीं होती, इसलिए जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देख लें।
खुलने का समय
- सोमवार से रविवार: 9:00–18:00
आख़िरी बार नवंबर 2026 में जाँचा गया। छुट्टियों और विशेष आयोजनों के दौरान समय बदल सकता है।
निर्देशिका में पार्किंग, कैफ़ेटेरिया, संग्रहालय की दुकान और शौचालय जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख है। इसमें बताया गया है कि संग्रहालय व्हीलचेयर के अनुकूल नहीं है; पहुंच-सुविधाओं की मौजूदा जानकारी के लिए संग्रहालय से सीधे संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
केरल लोककथा संग्रहालय कहां है?
यह कोच्चि के थेवरा में फोकलोर जंक्शन पर है। एक निर्देशिका में इसका पता पंडित करुप्पन रोड, थेवरा फेरी जंक्शन के पास दिया गया है।
संग्रहालय देखने के लिए कितना समय रखें?
Museum of India की निर्देशिका के अनुसार, संग्रहालय देखने में औसतन 1–2 घंटे लगते हैं।
क्या खुलने का समय और टिकट की कीमतें पक्की हैं?
रोज़ खुला रहता है। निर्देशिका में समय और शुल्क दिए गए हैं, लेकिन संग्रहालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उनकी पुष्टि नहीं होती। जाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट देख लें।
यहां किस तरह के संग्रह प्रदर्शित हैं?
यहां पारंपरिक वेशभूषा, मूर्तियां, टेराकोटा की वस्तुएं, चित्रकारी, वाद्ययंत्र, मुखौटे और लोककला समेत कई तरह की चीजें प्रदर्शित हैं।
